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    करण करक

                                     करण कारक के साथ (तृतीया विभक्ति)

     सः हस्तेन लिखति-वह हाथ से लिखता है।

     तौ पादाभ्याम् गच्छतः-वे दोनों पैरों से चलते हैं।

     ते हलैः क्षेत्राणि कर्षन्ति-वे (सब) हल से खेतों को जोतते हैं

     त्वम् हस्तेन खादसि-तू हाथ से खाते हैं।

     युवाम् वाणेन मृगं हथः-तुम दोनों बाण से मग को मारते हो।

     रामः वाणेन रावणम् हतवान् (अहन्)-राम ने बाण से

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