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    अपादान कारक



    आपादान के साथ (पंचमी विभक्ति)

     अश्वात् अवतरति सैनिक-सैनिक घोड़े से उतरता है।

     वृक्षात् पत्राणि पतन्ति-वृक्ष से पत्त गिरते हैं।

     रामः गृहात् हट्टम् आगच्छति-राम घर से बाजार आता है।

     हिमालयात् गंगा प्रभवति-हिमालय से गंगा निकलती है।

     अध्ययनात् विद्यालये वसति-अध्ययन-हेतु विद्यालय में ही रहता है।

     परिश्रमात् ऋते विद्या न भवति-परिश्रम के बिना विद्या नहीं होती। 

    बालकाः प्रसादात् कौतुकं पश्य न्ति-लड़के कोठे पर से तमाशा देखते हैं।

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